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Anand is in the process of thought evolution of different facets of the wisdom areas of the universe and humans, macrocosm and microcosm respectively. He regards himself life time learner, truth seeker and potential contributor to the universe. He also loves to read on wisdom, spiritual, Hinduism (Sanatan Dharma) and trans-national issues affecting public life. He is Shri Vidya Upasak-Shakta (Shakti worshipper). He is born in India and based in Australia currently.

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जगदगुरु श्री आदि शंकराचार्य की जन्म जयंती

आज सनातन धर्म के अर्वाचीन जगदगुरु श्री आदि शंकराचार्य की जन्म जयंती हैं वैशाख शुक्ल पंचमी, पुनर्वसु नक्षत्रे युधिष्ठिर संवत २६३१, कली संवत २५९३, १६ एप्रिल ५०९ BC. अद्वैतवादके प्रणेता महान ज्ञानी और उपासक. ————- “निर्वाण-षटकम्” जब आदि गुरु शंकराचार्य जी की अपने गुरु गोविंदपदाचार्य से प्रथम भेंट हुई तो उनके गुरु ने बालक शंकर … Continue reading जगदगुरु श्री आदि शंकराचार्य की जन्म जयंती

श्री बाला त्रिपुर-सुन्दरी बहुचराजी (Shri Bala)

भगवतीश्रीबालाकाध्यान: अरुण किरण जालै रंजीता सावकाशा, विधृत जपवटीका पुस्तकाभीति हस्ता । इतरकर वराढय़ा फुल्ल कल्हार संस्था , निवसतु ह्यदी बाला नित्य कल्याण शीला ।। (छवि: श्री राजराजेश्वरी पीठ, कड़ी, उत्तर गुजरात) माँ श्री बाला त्रिपुर-सुन्दरी मां भगवती का बाला सुंदरी स्वरुप है. ‘दस महा-विद्याओ’ में तीसरी महा-विद्या भगवती षोडशी है, अतः इन्हें तृतीया भी कहते … Continue reading श्री बाला त्रिपुर-सुन्दरी बहुचराजी (Shri Bala)

Awakening Shakti

Kundalinili (Shakti) desires to meet Pure counciousness (Lord Shiva) hence move faster after few Chakras are pierced. First two – Muladhar and Swadhisthan are hardest to get pierced because it is very basic Pashu instincts of security, food, family, friends etc. Pure counciousness (Shiva state) can’t be achieved without Shakti. मूलाधारैक निलया, ब्रह्मग्रन्थि विभेदिनी । … Continue reading Awakening Shakti

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